आज भी होती है इस मंदिर में केसर चन्दन की बारिश

भारत में धार्मिक स्थानोें की कोई कमी नही है। यहां पर हर किसी मंदिर या तीर्थ स्थल की अपनी कोई न कोई खासियत भी जरूर है। इन्ही कारणों के लिए दुनिया भर से पर्यटक भारत में लोग घूमने के लिए आते हैं। कई बार तो हम भी कुछ जगहों की खासियत के बारे में जानकर हैरान रह जाते हैं। आज हम जिस खास जगहे की बात कर रहे हैं वहां पर चंदन की बारिश होती है। यह जगह मालवा क्षेत्र में स्थित मुक्तागिरी तीर्थ स्थल पर है। जैनियों का सिद्धक्षेत्र मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में है
 
मुक्तागिरी पर चंदन की वर्षा
इस पर्वत के बार में कहा जाता है कि 1000 वर्ष पहले मुनिराज ध्यान में मग्न थे और उनके सामने एक मेढक पहाड़ की चोटी से नीचे गिर गया। उस मुनिराज ने मेढक के कानों में मंत्र का उच्चारण किया। कहा जाता है कि यह मेढ़क मरने के बाद स्वर्ग में देवगति को प्राप्त हो गया और मुनि महाराज के दर्शन को आया। इसी कहानी के अनुसार ही तब से हर अष्टमी और चोदस को इस पहाड़ पर केसर और चंदन की वर्षा होती है। मेढ़क की इसी कहानी के कारण इस पहाड़ी का भी मेढ़ागिरी पड़ गया।

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