क्या आप जानते है सोना उगलने वाली इस नदी के बारे में

आपने नदियो के बारे में तो बहुत सुना होगा देखा होगा गंगा, यमुना, काँवेरी नदी आदि लेकिन ये एक ऐसी नदी है जिसके पानी को छानने पर निकलता है सोना जी है ये बिलकुल सच है की ये नदी उगलती है |

जी है झारखण्ड की राजधानी रांची से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और आदिवासी इलाके में रत्नगर्भा नदी बहती है। इस नदी को स्वर्ण रेखा भी कहा जाता है। ये नदी सोना उगलती है। इस नदी में सोने के कण पाए जाते हैं।स्वर्णरेखा के साथ मिलने वाली सहायक नदी करकरी के बालू में भी सोने के कण काफी मात्रा में पाए जाते हैं।

यह नदी जब स्वर्णरेखा से मिलती है तो करकरी नदी के कण स्वर्णरेखा नदी में जाकर बह जाते हैं। करकरी नदी की लंबाई केवल 37 किमी है। यह रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाया है कि इन नदियों में आखिर सोने के कण आते कहां से हैं।

यहाँ के आदिवासी इस नदी को नंदा के नाम से पुकारते है इस नदी के जल में सोने के कण शामिल रहते है और आदिवासी लोग पानी को छान छान कर इन सोने के कणो को इकट्टा करते है |और सोने का व्यापार करने वालो को बेचते है इसी से इन लोगो का जीवन – यापन होता है |

स्थानीय लोगो का कहना है की आज तक कितनी सरकारी मशीने द्वारा इस नदी पर शोध किया गया है लेकिन इन रहस्य का पता लगाने में असमर्थ रहते है | आखिर ये सोने के कण ज़मीन के किस भाग से विकसित है |

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