कैसे रखे गर्भावस्था के दौरान अपनी पत्‍नी का ख्याल-How to care your wife during pregnancy

कैसे रखे गर्भावस्था के दौरान अपनी पत्‍नी का ख्याल-How to care your wife during pregnancy
प्रेगनेंसी के समय महिलाओं को अधिक सावधानी बरतने की जरुरत होती है | और ये केवल माँ की ही जिम्मेदारी नहीं होती बल्कि पिता की भी होती है की वो अपनी पत्नी का इस अवस्था में पूरा ख्याल रखे और साथ ही अपने शिशु का भी | यदि आप अच्‍छे पिता बनना चाहते हैं, तो बच्‍चे के जन्‍म के बाद से नहीं बल्कि मां के गर्भ में आने के बाद से ही उसका खयाल रखना आपकी भी जिम्‍मेदारी है।
अब आप ये सोच रहे है की  गर्भवती पत्‍नी का खयाल कैसे रखना है, तो हम आपको कुछ उपाय बताते है | जिनका पालन कर आप अपनी पत्‍नी व होने वाले बच्‍चे दोनों को ख्याल रख सकते हैं|
1. गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीने सबसे नाजुक होते है इसमें गर्भवती महिला का ध्यान रखने की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है तो जैसे ही आपको पता चले कि आपकी पत्‍नी गर्भवती है, सबसे पहले इसकी जानकारी घर के बड़े-बुजुर्गों को दें। बात को घर में नहीं बताना बच्‍चे व मां दोनों के लिए खतरनाक  हो सकता है।  यदि आप घर के बाकी लोगों को इस बारे में नहीं बताएंगे तो वो लोग उनसे सामान्‍य महिला की तरह पेश आएंगे। हो सकता है भारी काम करने को कहें, या फिर कोई ऐसा काम कह दें, जो शिशु को लिए अच्छा न हो|
2. गर्भावस्‍था के दौरान आप अपनी पत्‍नी को मोटरसाइकिल पर कम से कम घुमाएं। यदि जाएं भी तो धीमी गति से चलें। बस, ट्रेन या टेम्‍पो का सफर न करें तो अच्‍छा होगा। कार थोड़ी सेफ है, लेकिन वो भी तब जब उसकी गति धीमी हो।
 3. पत्‍नी को स्‍त्रीरोग विशेषज्ञ के साथ-साथ डायटीशियन की सलाह भी लें। क्‍योंकि ऐसे समय में खाने-पीने की वजह से कोई भी रोग बच्‍चे को नुकसान पहुंचा सकता है। हो सके तो गर्म चीजें, बादाम, अंडा, मटन, चिकन, मछली, आदि मत खाने दें।
4. चिकित्‍सकों के मुताबिक पेट संबंधी बीमारी जैसे उलटी, दस्‍त, पेट दर्द, आदि का बच्‍चे के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती हैं। यही नहीं इन बीमारियों के दौरान दी जाने वाली दवाएं भी बच्‍चे पर असर डालती हैं। यदि आपकी पत्‍नी का स्‍वास्‍थ्‍य ठीक नहीं है, तो बिना डॉक्‍टर की सलाह के कोई दवा नहीं दें। किसी प्रकार के केमिकल, क्‍लीनिंग केमिकल, आदि के संपर्क में नहीं आने दें। यदि बहुत जरूरी हो तो पत्‍नी को दस्‍ताने पहनकर ही काम करने को कहें। पत्‍नी के कमरे में साफ-सफाई रखें।
5. पत्‍नी के रुटीन चेकअप की जिम्‍मेदारी परिवार के किसी अन्‍य सदस्‍य या किसी और व्‍यक्ति पर डालने के बजाए, खुद उनके साथ जाएं। इससे आपकी पत्‍नी का मनोबल बढ़ेगा। स्‍त्रीरोग विशेषज्ञ से खुद बात करने में जरा भी झिझके नहीं। मन में जो भी सवाल आये उसे खुलकर पूछें।
6. कोई ऐसी बात न करें, जिससे पत्‍नी को गुस्‍सा आए, पत्‍नी डिप्रेस हो जाए, या फिर घर में झगड़ा हो। बात चाहे छोटी हो या बड़ी पत्‍नी को डांटे नहीं। क्‍योंकि मानसिक तनाव गर्भवती महिला के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक होता है।
7. गर्भावस्‍था के दौरान संभोग से बचें तो अच्‍छा है। शुरू के तीन व आखिरी के तीन महीनों तक कतई संभोग मत करें। बीच के तीन महीने में भी बहुत ज्‍यादा संभोग हानिकारक हो सकता है। पत्‍नी की इच्‍छा के बगैर तो कतई ऐसा मत करें।
8 . घर में यदि कुत्‍ता, बिल्‍ली या अन्‍य जानवर पला हुआ है, तो पत्‍नी से दूर रखें। खास-तौर से बिल्‍ली से, क्‍योंक‍ि बिल्‍ली पर पाए जाने वाले पराश्रित (पैरासाइट्स) कीड़े टॉक्‍सोप्‍लासमोसिस नामक संक्रमण पैदा करते हैं, जो भ्रूण के लिए बहुत खतरनाक होता है।
9 . जितना ज्यादा हो सके प्रोटीन खिलाये . प्रोटीन बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण है. आप चाहें तो दालें, बीजें और दूध को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर अपनी पत्नी को खिला सकते है |
तो इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी पत्नी का गर्भावस्था में ध्यान रख सकते है |sabfit

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