तीन दिन मैं चिकनगुनिया को कैसे दूर करे – 3day Treatment of Chikungunya Ayurvedic & homeopathic

जैसे जैसे मौसम बदलता है आपने हर किसी के मुंह से ये आवाज जरूर सुनी होगी की घर के किसी सदस्य को वाइरल फिबर हो गया है मौसम बदलने के साथ साथ कभी ठंडा क्लाइमेंट तो कभी गर्म क्लाइमेंट और इसी की वजह से वाइरल फिबर इंसान को अपनी चपेट में ले लेता है वैसे तो ये वाइरल फिबर लम्बे समय तक चलता है आइये जानते है किस तरह तीन दिन के अंदर वाइरल फिबर को ठीक कर सकते है वाइरल फिबर कहने को तो एक फिबर ही है लेकिन वाइरल फिबर में सही तरीके से एन्टीवाइटिक दवाइयों का घरेलु नुस्खों का इस्तेमाल न किया जाए तो यह फिबर आगे जाके बड़ी बीमारियों का रूप ले लेता है
आजकल आपने मलेरिया चिकनगुनिया डेंगू की बीमारी काफी ज्यादा फैल रही है जिसकी वजह से हॉस्पिटल के अंदर मरीजों की कतार लगी हुई है लेकिन आप जानते है इतनी लापरवाही होती है सही तरीके से अपने पर्यावरण को न रखना दूषित पानी पीना सही तरीके से हेंड वॉश न करना और गंदे हाथो से ही खाना खाना हमारी बीमारी को खुद से न्योता देता है क्या आप जानते है मलेरिया डेंगू का मच्छर साधारण मच्छरों से कुछ ज्यादा बड़ा होता है और ये केवल दिन में ही काटता है और सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात तो ये है की माच्छर साफ पानी के अंदर पनपता है इसलिए अगर आप ये सोच रहे है की आप बीमारी से बच जाएंगे तो यह सोच गलत है
घर के अंदर जो पानी पी रहे है उसे ढक कर रखे छत के ऊपर सनटेक्स टंकी है और उसके आस पास गंदगी जमा है तो उसे साफ करे घर के आस पास या घर में कूड़ा कचरा जमा है तो उसका जिम्मा उठाए क्योकि अगर आप साफ सफाई करेंगे तभी आप बीमारियों से बचने के लिए पहला कदम उठा सकते है लेकिन कई बार इतनी सावधनियां बरतने के बाद हमें डेंगू मलेरिया या फिर चिकनगुनिया हो जाता है
हमारे शरीर की प्लेटलेट्स भी गिर जाती है आपको ये तो अच्छी तरह पता होगा एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर के अंदर साढ़े चार लाख से ज्यादा प्लेट्लेस का होना बहुत ही ज्यादा जरुरी है जब भी आपको डेंगू चिकनगुनिया या मलेरिया फिबर होता है या फिर आपको इन फिबर का असर मच्छर काट लेता है तो इसकी वजह से आपको फिबर तो काफी तेज होता है शरीर में कमजोरी भी आती है और इसके साथ साथ आपके शरीर की प्लेट भी गिरना शुरू हो जाती है और जब भी ये एक लाख से नीचे आ जाती है तो इंसान बैंडिलेटर पर आ जाता है लेकिन क्या आप जानते है इतनी बड़ी बीमारी के लिए भी ज्यादा भाग दौड़ करने की जरूरत नहीं है

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