गर्भावस्था में मछली का सेवन करते समय रखे इन बातो का ध्यान – Precaution During Pregnancy In Eating Fish

अक्सर कहा जाता है गर्भावस्था के दौरान वे लोग जो नॉन वेजिटेरियन होते है उन्हें अपना खास ख्याल रखना चाहिए कई लोग नॉन वेजिटेरियन में चिकन का प्रयोग करते है तो कई लोग फिश खाते है लेकिन क्या आप जानते है मछली का सेवन करते समय आपको कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है आइये जानते है की गर्भावस्था के दौरान मछली खाते वक्त आपको कौन कौन सी सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए
मछली को अच्छे तरीके से और पूरा पकाए क्योकि आदि पक्की हुई मछली के अंदर बैक्टीरिया रह जाते है जो शरीर के अंदर जाकर न केवल महिला को बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकते है
समुंद्र से आई हुई मछलियों का सेवन करने से बेहतर आपके लिए ये होगा की आस पड़ोस के नदी या तालाब से आई मछलिया जो की स्टोर्स पर मिलती है आप उनका सेवन करे क्योकि उनके अंदर अच्छी तरह से सफाई हुई होती है यदि आप कही और से मछलिया खरीदेंगे तो हो सकता है आप संक्रमण का शिकार हो जाए
कैन में मिलने वाली मछलियों से बचे क्योकि उसके अंदर प्रेज़रवेटिव होते है जो की मछली को काफी लम्बे समय तक स्टोर के लिए केमिकल के रूप में उस कैन के अंदर डाले जाते है यदि आप उस मछली का सेवन करेंगे तो वो केमिकल आपके अंदर जाकर शिशु को नुकसान पहुंचा सकते है
यदि आपको ओमेगा 3 का यूस ही करना है तो आप अंडो या फिर दही का सेवन कर सकते कुछ लोगो की धारणा होती है की ओमेगा 3 मछलियों के अंदर ही मिल सकता है जी यह बात बिल्कुल सत्य है मछली के अंदर ओमेगा 3 होता है लेकिन यदि आप प्रेग्नेंट है तो आप अंडे और दूध क्क सेवन कर सकती है

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